Monday, May 4, 2020

भारत की पहली महिला न्यायाधीश - अन्ना चांडी

न्यायमूर्ति श्रीमती अन्ना चांडी
Anna Chandy
4 मई, 1905 - 20 जुलाई, 1966
अन्ना चांडी भारत की पहली महिला न्यायाधीश थीं। वे सन 1937 में एक ज़िला अदालत में भारत में पहली महिला न्यायाधीश बनी थीं। अन्ना चांडी भारत में पहली महिला न्यायाधीश तो थीं ही, शायद दुनिया में उच्च न्यायालय के न्यायधीश के पद (1959) तक पहुँचने वाली वे दूसरी महिला थीं।
न्यायमूर्ति अन्ना चांडी का जन्म 4 मई, 1905 को भारत के तत्कालीन त्रावणकोर राज्य (अब केरल) में एक मलयाली सीरियाई ईसाई माता-पिता के यहाँ हुआ था। वे केरल राज्य की पहली महिला थीं, जिसने क़ानून की डिग्री प्राप्त की थी।
सन 1928 में अन्ना चांडी न्यायालयी सेवा में आयीं और उन्हें सर सी.पी. रामास्वामी द्वारा जो त्रावणकोर के तत्कालीन दीवान थे, ज़िला न्यायाधीश (मुंसिफ) के रूप में नियुक्त किया गया। वे केरल उच्च न्यायालय में 9 फ़रवरी, 1959 से 5 अप्रैल, 1967 तक न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के क़ानूनी क्षेत्र में महिलाओं के कॅरियर रूपी आशाओं को जन्म दिया।

न्यायाधीश अन्ना चांडी का 20 जुलाई, 1996 को निधन हुआ।

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