परिषदीय स्कूलों
में बच्चे आधा पेट भोजन नहीं करेंगे। मिड डे मील से अब उन्हें भर पेट खाना मिलेगा, स्कूलों में यह खाना बच्चों की मां अपने हाथों
से अपने बच्चों को परोसेंगी। योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए ही
मातृत्व कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया है। यह बातें बेसिक शिक्षा एवं बाल
विकास पुष्टाहार राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने कही।
वे शुक्रवार को
देर रात सर्किट हाउस में 'दैनिक जागरण' से खास बातचीत कर रहीं थीं। बताया कि यह कमेटी संबंधित स्कूल के छह छात्रों की
मां की अगुवाई में बनेंगी, वह यह देखेंगी कि जो खाना बच्चों को दिया जा
रहा है, वह शुद्ध है भी अथवा नहीं। इसकी रिपोर्ट वह
शीर्ष अधिकारियों को देंगी। उन्होंने बताया कि अपने करीब साढ़े तीन महीने के
कार्यकाल में वह आठ बीएसए को सस्पेंड कर चुकी हैं। प्रदेश में 1.58 लाख प्राइमरी स्कूलों का शिक्षा स्तर तेजी से
बढ़ाया जाएगा। कुछ इसी उद्देश्य से ही वह बनारस में योजनाओं की समीक्षा कर रही हैं, अभी आगे-आगे देखिए, होता क्या है। कुपोषण मिटाने के लिए सभी सांसद, विधायक, मंत्री व अधिकारियों को गांव गोद लेने के लिए कहा गया है। वह गांवों में जाकर
कुपोषण मिटाने में आ रही खामियों को दूर करने का काम कर रहे हैं।
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'अधिकारी एसी छोड़कर धूप में निकलें'
बेसिक शिक्षा
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने बताया कि जिस तरह वह बहराइच में मंत्री बनने के
बाद शहर की समस्या को जानने के लिए बाइक से निकलीं थी, उसी तरह बेसिक शिक्षा व बाल विकास पुष्टाहार
विभाग के अधिकारी भी एसी वाले केबिन को छोड़कर फील्ड में निकलने की आदत डाल लें, ऐसा नहीं करेंगे तो अंजाम भुगतने को तैयार
रहें।
