आगरा
सरकार
शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए स्कूलों पर सख्त हो गई है। डिस्ट्रिक्ट
इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर एजूकेशन के तहत परिषदीय और प्राइवेट स्कूलों से 35 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसमें
लापरवाही करने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी शासन ने दिए
हैं। आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि कार्रवाई को संस्तुति की जा सके।
परिषदीय और
प्राइवेट स्कूलों से बच्चों के धर्म, गरीबी, अमीरी, बाल शिक्षा के तहत दाखिला संख्या, खाता संख्या, छात्रों को दी जाने वाली दवाओं के नाम आदि की
विस्तार से जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा छात्र का सामाजिक वर्ग, नामांकन संख्या, क्या वह अभिवंचित समूह वर्ग का है, बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कितने बच्चे प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा
प्राप्त कर रहे हैं, उनका विवरण। छात्र एक साल में कुल कितने दिन
उपस्थित रहा। पढ़ाई का माध्यम, छात्र की विकलांगता का प्रकार, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को दी गई सुविधा, जैसे निश्शुल्क वाहन सुविधा, एस्कॉर्ट की सुविधा, हॉस्टल सुविधा, क्या बच्चों ने विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इतना ही नहीं, स्कूलों में छात्रों की खेल गतिविधि, छात्रों को दी जाने वाली मेडिकल सुविधा, दवाओं के नाम, छात्र-छात्राओं के बैंक खाते, बैंक शाखा का नाम, अभिभावकों की ई-मेल आईडी आदि की जानकारी मांगी
है। कार्यवाहक बीएसए राजेश चौधरी कहते हैं कि प्राइवेट स्कूल सूचना भेजने में देरी
कर रहे हैं। इन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
