बीटीसी के स्थान पर डिप्लोमा इन एलीमेंट्री
एजूकेशन (डीएलएड) का फैसला होने के बाद सत्र 2016 की प्रवेश प्रक्रिया इसी के तहत होगी। सत्र 2016-17 के लिए जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) एवं निजी कॉलेजों में कुल 81600 सीटों के लिए डीएलएड में प्रवेश के लिए आवेदन
प्रक्रिया 13 जून से शुरू होने की संभावना है, जबकि प्रशिक्षण आठ-नौ सितंबर तक प्रारंभ कराने की तैयारी है। तय तिथि से
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने
मंगलवार को एनआईसी लखनऊ को पत्र भी लिखा है।
प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर शिक्षक
प्रशिक्षण के लिए दो वर्षीय कोर्स होता है। अभी तक प्रदेश में इसे बेसिक शिक्षा
सर्टिफिकेट (बीटीसी) प्रशिक्षण के नाम से जाना जाता था लेकिन अब एनसीटीई नियमावली 2014 परिशिष्टि 2 के अनुसार इस कोर्स को डीएलएड कर दिया गया।
डीएलएड प्रशिक्षण 2016 के लिए अभ्यर्थी सिर्फ ऑनलाइन (ई-आवेदन) कर
सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन में किसी तरह की गलती होने पर अभ्यर्थियों को अंतिम तिथि से
पहले पुन: पंजीकरण कराना और फीस जमा करने के बाद नया आवेदन फॉर्म भरना होगा। ऐसी
स्थिति में पूर्व में भरे आवेदन को निरस्त करते हुए केवल अंतिम आवेदन पत्र को ही
मान्य किया जाएगा।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह के मुताबिक डीएलएड प्रशिक्षण 2016 एवं आगामी प्रशिक्षण के लिए चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के साथ लगाए गए हाईस्कूल, इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा के प्राप्तांक प्रतिशत के योग के आधार पर गुणांक का आगणन करते हुए श्रेष्ठता सूची तैयार की जाएगी तथा वरीयताक्रम में वर्ग, श्रेणीवार चयन किया जाएगा। खास यह कि चयन के समय यदि एक ही वर्ग, श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के गुणांक बराबर आते हैं तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। गुणांक तथा आयु भी समान होने पर अंग्रेजी वर्गमाला के क्रम में अभ्यर्थी के नाम के अनुसार वरीयता दी जाएगी।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह के मुताबिक डीएलएड प्रशिक्षण 2016 एवं आगामी प्रशिक्षण के लिए चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के साथ लगाए गए हाईस्कूल, इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा के प्राप्तांक प्रतिशत के योग के आधार पर गुणांक का आगणन करते हुए श्रेष्ठता सूची तैयार की जाएगी तथा वरीयताक्रम में वर्ग, श्रेणीवार चयन किया जाएगा। खास यह कि चयन के समय यदि एक ही वर्ग, श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के गुणांक बराबर आते हैं तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। गुणांक तथा आयु भी समान होने पर अंग्रेजी वर्गमाला के क्रम में अभ्यर्थी के नाम के अनुसार वरीयता दी जाएगी।
