माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने हाईस्कूल, इंटर के पाठ्यक्रम में संशोधन का शासन को भेजा है प्रस्ताव
हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी, संगीत, कृषि जैसे विषय पूर्व की भांति ही निर्धारित करने की है योजना
विजय सक्सेना
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम सीबीएसई के अनुरूप करने की तैयारी तो जारी है लेकिन इसमें खास परिवर्तन होेने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि यूपी बोर्ड ने कक्षा 9-10 एवं कक्षा 11-12 के लिए एनसीईआरटी की किताबों के मुताबिक जिन नए पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें ज्यादातर विषय यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के मुताबिक ही हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद परिषद विनियमों में संशोधन करेगा। नया पाठ्यक्रम शैक्षिक सत्र 2018-19 में लागू होने की संभावना है।
सिविल सेवा की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों को उपयुक्त माना जाता है सो यूपी बोर्ड भी सीबीएसई का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी में है। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट तथा सीबीएसई में जो विषय समान है, उनके पाठ्यक्रम शत-प्रतिशत ही रखने और जो विषय सीबीएसई में नहीं हैं, उनमें परिषद द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम ही रखे जाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल स्तर पर हिन्दी, प्रारंभिक हिन्दी, उर्दू एवं अंग्रेजी विषय निर्धारित हैं, जबकि सीबीएसई में हिन्दी कोर्स-ए, हिन्दी कोर्स-बी, उर्दू कोर्स-ए, उर्दू कोर्स-बी, अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य तथा अंग्रेजी कम्यूनिकेटिव निर्धारित है। यूपी बोर्ड ने इसमें कोई बदलाव न करते हुए हाईस्कूल स्तर पर अपने ही पाठ्यक्रम को निर्धारित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसी तरह हाईस्कूल में संगीत गायन, संगीत वादन ही रखने का प्रस्ताव है, जबकि सीबीएसई में कर्नाटक संगीत, हिन्दुस्तानी संगीत निर्धारित है, जिसे यूपी बोर्ड में शामिल नहीं करने की योजना है। इंटरमीडिएट स्तर पर सीबीएसई में मात्र कृषि विषय निर्धारित है, जबकि यूपी बोर्ड कृषि वर्ग की परीक्षा कक्षा 11 एवं 12 में आयोजित कराता है, सो इस विषय को भी यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के मुताबिक रखने का प्रस्ताव है। इंटरमीडिएट में व्यावसायिक वर्ग के विषय में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा। इसी तरह हिन्दी, सामान्य हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, नृत्यकला, संगीत गायन, संगीत वादन का पाठ्यक्रम भी सीबीएसई के बजाए यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के मुताबिक ही निर्धारित करने का प्रस्ताव है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव को अब स्वीकृति का इंतजार है।
हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी, संगीत, कृषि जैसे विषय पूर्व की भांति ही निर्धारित करने की है योजना
विजय सक्सेना
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम सीबीएसई के अनुरूप करने की तैयारी तो जारी है लेकिन इसमें खास परिवर्तन होेने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि यूपी बोर्ड ने कक्षा 9-10 एवं कक्षा 11-12 के लिए एनसीईआरटी की किताबों के मुताबिक जिन नए पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें ज्यादातर विषय यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के मुताबिक ही हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद परिषद विनियमों में संशोधन करेगा। नया पाठ्यक्रम शैक्षिक सत्र 2018-19 में लागू होने की संभावना है।
सिविल सेवा की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों को उपयुक्त माना जाता है सो यूपी बोर्ड भी सीबीएसई का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी में है। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट तथा सीबीएसई में जो विषय समान है, उनके पाठ्यक्रम शत-प्रतिशत ही रखने और जो विषय सीबीएसई में नहीं हैं, उनमें परिषद द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम ही रखे जाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल स्तर पर हिन्दी, प्रारंभिक हिन्दी, उर्दू एवं अंग्रेजी विषय निर्धारित हैं, जबकि सीबीएसई में हिन्दी कोर्स-ए, हिन्दी कोर्स-बी, उर्दू कोर्स-ए, उर्दू कोर्स-बी, अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य तथा अंग्रेजी कम्यूनिकेटिव निर्धारित है। यूपी बोर्ड ने इसमें कोई बदलाव न करते हुए हाईस्कूल स्तर पर अपने ही पाठ्यक्रम को निर्धारित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसी तरह हाईस्कूल में संगीत गायन, संगीत वादन ही रखने का प्रस्ताव है, जबकि सीबीएसई में कर्नाटक संगीत, हिन्दुस्तानी संगीत निर्धारित है, जिसे यूपी बोर्ड में शामिल नहीं करने की योजना है। इंटरमीडिएट स्तर पर सीबीएसई में मात्र कृषि विषय निर्धारित है, जबकि यूपी बोर्ड कृषि वर्ग की परीक्षा कक्षा 11 एवं 12 में आयोजित कराता है, सो इस विषय को भी यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के मुताबिक रखने का प्रस्ताव है। इंटरमीडिएट में व्यावसायिक वर्ग के विषय में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा। इसी तरह हिन्दी, सामान्य हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, नृत्यकला, संगीत गायन, संगीत वादन का पाठ्यक्रम भी सीबीएसई के बजाए यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के मुताबिक ही निर्धारित करने का प्रस्ताव है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव को अब स्वीकृति का इंतजार है।
