वाराणसी
सूबे की बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, राजस्व एवं वित्त विभाग (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री
अनुपमा जायसवाल ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति काफी दयनीय है।
अधिकारियों संग शिक्षकों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा। उन्होंने सांसद, विधायक, अधिकारी और
गणमान्य लोगों से एक-एक विद्यालय गोद लेने की अपील की। प्रत्येक विद्यालयों में
मां समिति गठित की जाए जो स्कूलों में बनने वाले एमडीएम की गुणवत्ता और बच्चों की उपस्थिति की जांच
करें। समय से विद्यालय नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए
शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया। एक जुलाई से स्कूल खुलते ही गांवों और
बस्तियों में प्रभातफेरी निकालने के साथ ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नामांकन कराने
पर जोर दिया जाए। वे विकास भवन सभागार में शनिवार को मंडलीय समीक्षा कर रही थी।
उन्होंने बचे
विद्यालयों में विद्युतीकरण का काम हरहाल में पूरा करने का निर्देश दिया, नहीं होने वालों की भी सूची मांगी। वहीं सारनाथ
स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विद्युत व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी
जाहिर की। गठित एंटी भू-माफिया टीम सार्वजनिक और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा
शीघ्र हटाए। किसी के भी दबाव में अभियान रुकना नहीं चाहिए। पांच वर्ष तक के बच्चों
का आधार कार्ड नहीं बनने पर नाराजगी जाहिर करते हुए वाराणसी व गाजीपुर के
अधिकारियों से जवाब-तलब किया। बाल विकास अधिकारी कार्यालय में बैठने की बजाय
क्षेत्र में चक्रमण करें। पुष्टाहार वितरण में लगातार धांधली की शिकायत मिल रही
है। इससे सरकार और विभाग दोनों की छवि खराब हो रही है। शिकायत मिलने पर संबंधित के
खिलाफ कार्रवाई तय हैं। बैठक में शहर उत्तरी विधायक रविंद्र जायसवाल समेत
प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
